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वर्तमान में प्रासंगिक हैं डॉ हेडगेवार

टीम हिन्दी सभी ने राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बारे में सुना है। कई लोगों के लिए यह देश की सत्‍तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की प्रेरणा है लेकिन देश के बहुत कम लोग डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के नाम से परिचित हैं जिन्‍होंने 94 वर्ष...

पूर्ण स्वराज और एकता का सूत्र बताता गणेश उत्सव  

टीम हिन्दी भक्तों के जीवन से विघ्नों को हरनेवाले और उनके जीवन को मंगलमय बनाने वाले भगवान गणेश का हर साल की तरह इस साल भी अपने भक्तों के बीच आगमन हो रहा है. भगवान गणपति के आगमन की तैयारियों के साथ ही पूरा माहौल...

माइकल मधुसूदन दत्त : ऐसा साहित्याकार जिसने शादी के लिए बदल लिया नाम

टीम हिन्दी माइकल मधुसूदन दत्त बंगला भाषा के प्रसिद्ध कवि, साहित्यकार और नाटककार थे। उनका हिन्दू नाम मधुसूदन दत्त था, किंतु ईसाई धर्म स्वीकार कर लेने और एक ईसाई युवती से विवाह के बाद उनका नाम माइकल मधुसूदन दत्त हो गया। माइकल मधुसूदन बंगाल में...

मलिक मुहम्मद जायसी: अमर कृतियों के रचयिता

टीम हिन्दी मलिक मुहम्मद जायसी भक्तिकाल की निर्गुण प्रेमाश्रयी शाखा व मलिक वंश के कवि है। जायसी अत्यंत उच्चकोटि के सरल और उदार सूफ़ी महात्मा थे। हिन्दी के प्रसिद्ध सूफ़ी कवि, जिनके लिए केवल 'जायसी' शब्द का प्रयोग भी, उनके उपनाम की भाँति, किया जाता...

दो पीढ़ियों के वैचारिक अंतर को पाटना है बेहद जरूरी

टीम हिन्दी समय के साथ परिस्थितियां, आवश्यकताएं, सोच-विचार, जीवन-शैली सभी में परिवर्तन हो रहा है और परिवर्तन की मांग प्रबल भी हो रही है। जो समय के साथ नहीं बदल सकते, वो जीवन के दौर में पीछे छूट सकते हैं। पुरानी पीढ़ी पुराने मूल्यों, परंपराओं...

छोटे मन से आज़ादी

छोटे मन से आज़ादी महज़ 'झण्डे' लहराने से क्या हासिल.. दिलों की नफ़रतें हिल सकें तो शायद कुछ हो हासिल महज़ 'जय हिन्द' कहने से क्या हासिल.. अंदर की कमज़ोरियों पर विजय हो तो शायद कुछ हो हासिल महज़ 'वन्दे मातरम' कहने से क्या हासिल.....

सम्पूर्ण संसार समाहित है कृष्ण की लीलाओं में

टीम हिन्दी कहा जाता है कि कृष्ण की लीलाओं में सम्पूर्ण संसार है. इसीलिए कृष्ण को सम्पूर्णता में परिभाषित करना सभी के लिए मुश्किल है. अपने सम्पूर्ण जीवन में कृष्ण ने इतने रूप दिखाए हैं कि किसी एक रूप को दूसरे से अलग कर के...

कान्हा की बांसुरी में आज भी कायम है जलवा

टीम हिन्दी बाँसुरी की अभिव्यक्त शक्ति अत्यंत विविधतापूर्ण है, उससे लम्बे, ऊंचे, चंचल, तेज़ व भारी प्रकारों के सूक्ष्म भाविक मधुर संगीत बजाया जाता है। लेकिन इतना ही नहीं, वह विभिन्न प्राकृतिक आवाज़ों की नक़ल करने में निपुण है, उदाहरण के लिये उससे नाना प्रकार...

ग्राम-युग्म अवधारणा के साथ मधुबनी लिटरचेर फेस्टिवल 24 से 27 दिसंबर तक

नई दिल्ली। ग्राम-युग्म अवधारणा के साथ मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल राजनगर और सौराठ, दोनों ऐतिहासिक सांस्कृतिक महत्व के स्थलों को लेकर आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई है। इस परिकल्पना को धरातल पर उतारते हुए मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल 2019 का आयोजन सेन्टर फॉर स्टडीज ऑफ ट्रेडिशन...

कितना साइंटिफिक है ताम्बे के बर्तन में खाना बनाना

टीम हिन्दी सेहतमंद खाना पकाने के लिए आप तेल-मसालों पर तो पूरा ध्यान देते हैं, पर क्या आप खाना पकाने के लिए बर्तनों के चुनाव पर भी ध्यान देते हैं? अगर आपका जवाब न है तो आज से ही इस बात पर भी ध्यान देना...

प्रेस एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के चुनाव नतीजे आए

प्रेस एसोसिएशन के चुनाव नतीजे आ गए हैं। पीआईबी एक्रीडिएटेड-प्रत्यातित पत्रकारों की इस संस्था के चुनाव में जयशंकर गुप्ता अध्यक्ष, आनंद मिश्रा उपाध्यक्ष, सीके नायक महासचिव, कल्याण बरूआ संयुक्त सचिव व संतोष ठाकुर कोषाध्यक्ष चुने गए हैं। वहीं कार्यकारिणी सदस्यों में ए.बी. खां, केपी मलिक,...

रहीम के दोहे में सामाजिक समरसता

टीम हिन्दी दोहे की प्रकृति ‘गागर में सागर’ भरने की होती है। दिल की जितनी गहराई से उठा भाव दोहे की शक्ल लेता है, उतना ही गहरा होता है उसका घाव। रहीम के दोहों में ये दोनों खूबियाँ हैं। उनमें तेज धार है और ग़जब...

नानाजी देशमुख: समाजसेवा के लिए जिन्होंने अपना सबकुछ छोड़ा

टीम हिन्दी जब तक व्यक्ति में स्व का भाव होता है, वह समाज और देश के लिए विशेष नहीं कर सकता है। स्व यानी अपना। स्वयं का। अपनों का। जिसने भी अपना स्व छोड़ा, उसने एक बड़ी लकीर खींची। ऐसे ही बड़ी लकीर खींची समाजसेवी...

लग्जीरियस ब्रांड का बढ़ता दबाव

टीम हिन्दी पहनने का कोई आइटम हो या रोजाना यूज किए जाने वाले प्रोडक्ट। यूथ को तो बस ब्रांडेड ही चाहिए। और ब्रांडेड न सही तो उसके नाम वाला डुप्लीकेट मॉल भी चल जाएगा, बस दिखना ओरिजनल चाहिए। ब्रांडेड आइटम का इतना ज्यादा क्रेज क्यों...

जालियावाला बाग: अभी बांकी है स्वंतंत्रता आन्दोलन के निशान

टीम हिन्दी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की बात हो और जालियावाला बाग का जिक्र न हो, यह संभव नहीं है. अमृतसर में प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर के बगल में यह क्षेत्र देश-विदेश के लोगों के लिए पर्यटन स्थल बन चुका है. लोग यहां आते हैं और...