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उज्जैन: जहां विराजते हैं महाकाल

सनातन संस्कृति में द्वादश ज्योतिर्लिंग की महिमा सबको पता है. आमतौर पर हर हरेक शिवलिंग उत्तरामुखी होते हैं, लेकिन प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगरी उज्जैन में दक्षिणमुखी शिवलिंग हैं. यहां स्वयं महाकाल विराजते हैं. उज्जैन को प्राचीन ग्रंथों में उज्जयिनी कहा गया है. इसका प्रमाणिक इतिहास ई....

सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल है अजमेर शरीफ दरगाह!

कहने के लिए तो यह मुस्लिम धर्म को मानने वालों का तीर्थ स्थल है, लेकिन यहां आपको हर धर्म के लोग माथा टेकते दिख जाएंगे. हर जाति और धर्म से उपर उठकर. यहां पर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज से लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आ...

100 रोगों की एक दवा है आंवला

प्रकृति ने मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए कुछ ऐसा प्राकृतिक पदार्थ दिए हैं, जिनसे आप आजीवन निरोग रह सकते हैं. उसी श्रेणी का एक फल है - आंवला. संस्कृत में इसे अमृता, अमृतफल, आमलकी, पंचरसा इत्यादि कहते हैं. अंग्रेजी में इसे एंब्लिक माइरीबालन या...

ये है अकबर का भारत

मुगल शासनकाल में अकबर एक ऐसा नायक बन कर उभरे, जिनकी राजकाज की शैली को आज भी मानक माना गया है. अकबर का वैभव और उनकी राजनीतिक कुशलता के किस्से कहानी आज भी बच्चों को सुनाए जाते हैं. पुस्तकों में पढ़ाए जाते हैं. भारतीय इतिहास...

क्या है हाजी अली का बॉलीवुड कनेक्शन ?

आपने समुद्र में एक दरगाह देखा होगा. मजार देखा होगा. मुंबई के समुद्र में. याद आया ? नहीं आया तो याद कीजिए, ए आर रहमान का एक गाना मशहूर हुआ - पिया हाजी अली हो. इस गाने में हाजी अली, बाबा भी हैं और पिया...

आइए, करें जल की चिंता

हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. अब तक पर्यावरण को लेकर कितने ही सम्मेलन हो चुके हैं. ग्लोबल वार्मिंग को लेकर कई तरह की चिंताएं हैं. हाल के दशकों में जिस प्रकार से जल संकट बढ़ा है, वह चिंता का...

मेरी तो सौतन रही धर्मयुग : पुष्पा भारती

धर्मयुग यानी हिंदी पत्रकारीय जगत का एक मानक। जिसमें छपना और उसे पढना दोनों ही उस कालखण्ड के लिए खास रहा। ऐसे में यदि कोई कहे कि धर्मयुग तो सौतन रही, तो कुछ पल के लिए सोचना होगा। हां, हम बात कर रहे हैं धर्मयुग...

इसकॅान: विश्व में गीता एवं हिंदू धर्म-संस्कृति का प्रचारक

आपने भारत में और भारत से बाहर विदेशों में हजारों महिलाओं को साड़ी पहने, चंदन की बिंदी लगाए व पुरुषों को धोती कुर्ता और गले में तुलसी की माला पहने देखा होगा. हरे रामा-हरे कृष्णा के पावन भजन करते हुए, हाथों में गीता का पुस्तक...

मार्क टुली: पत्रकारिता में नाम ही काफी है

भारतीय पत्रकारिता और हिंदी पत्रकारिता में जब भी गंभीर पत्रकारिता का उल्लेख किया जाता है, अपने आप मार्क टुली का नाम लोगों के मन-मस्तिषक में आ जाता है. बीबीसी हिंदी के लिए की गई उनकी रिपोर्टिंग आज भी लोगों को याद है. सरोकार की बात...

जब चलता था दूरदर्शन पर ‘हमलोग’

आज भले ही लोग दूरदर्शन को नहीं देखते हों. आज की पीढ़ी को उसके कार्यक्रम पसंद नहीं आते हों. लेकिन, एक समय था जब दूरदर्शन के अलावा कुछ भी नहीं था. जब रेडियो के बाद मनोरंजन का साधन टेलीविजन बना, तो वह एक सामाजिक प्रतिष्ठा...

कहां से आईं कठपुतली ?

कठपुतली का नाम सुनते ही जेहन में सबसे पहले राजस्थान का नाम आता है. माना जाता है कि कठपुतली लोक कला का इतिहास लगभग 1500 साल पुराना है. यह लोक कला राजस्थान के नागौर तथा मारवाड़ जिले के भट आदिवासी जाति के लोगों का पारंपरिक...

नई शिक्षा नीति : हिंदी को लेकर फिर बवाल ?

नई शिक्षा नीति का इंतजार लगभग दो साल से किया जा रहा था. कस्तूरीरंगन समिति ने मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को इसका मसविदा सौंपा था. नई शिक्षा नीति के मसविदे में कहा गया है कि एक अजनबी भाषा में अवधारणाओं पर समझ बनाना...

देशभक्ति से ओत प्रोत हैं ये फिल्में

बॉलीवुड में जंग-ए-आजादी की याद दिलाने वाली ऐसी कई देशभक्ति फिल्में बनी हैं, जो हमारी आजादी के संघर्ष की गाथा को बखूबी बयान करती हैं और देशभक्ति का जज्बा जगाती हैं. यह फिल्में उस दर्द को हम सबके सामने लाईं जिसे शायद ही हम कभी...

आइए… जुड़े ‘द हिन्दी’ से

वसुधैव कुटुम्बकम को आत्मसात करते हुए हमने सभी आयु वर्ग को ध्यान में रखकर एक खाका तैयार किया हुआ है. आइए, हमसे जुड़िए. द हिन्दी के साथ आइए... द हिन्दी के माध्यम से भारत की सभ्यता, संस्कृति, साहित्य और समाज को समझें. सामाजिक सरोकार और...