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हरेक विषय को हिंदी में सरल तरीके से समझाने हेतु प्रख्यात- पटना के खान सर

"स्वयं शिष्ट हो दम रखता हो सबको शिष्ट बनाने का,  क्षय करता हो दानवता का मानवता विकसाने का,  करता रहता काम निरन्तर छात्र हित सध जाने का,  ऐसे ही मानव को जग में हक है शिक्षक कहलाने का।" आज जहाँ शिक्षा को व्यापार बना दिया...

गुरुजी ने दिया था सामाजिक समरसता पर सबसे अधिक जोर

टीम हिन्दी ‘जिस प्रकार किसी पेड़ के बढ़ते समय उसकी सूखी शाखाएँ गिरकर उनके स्थान पर नई-नई शाखाएँ खड़ी हो जाती हैं उसी प्रकार अपने समाज में भी एक समय विद्यमान वर्ण व्यवस्था में बदल कर अपने लिए आवश्यक नई रचना समाज करेगा. यह समाज...

गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर : एक महान कवि, साहित्यकार एवं संगीतकार

गुरुदेव 'रबीन्द्रनाथ टैगोर’ 7 मई 1861- 7 अगस्त 1941   https://youtu.be/xoXg_OuhWzA "जो धरती की आत्मा के निकट है,  जो उससे ही बने, उसी में ढले हैं,  जो अपना अंतिम विराम उसी में पाएंगे,  मैं उन सब का मित्र हूं, मैं कवि हूँ।" साहित्य की हरेक...
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नई मिसाल कायम करती ‘अतुल्य भारत की अतुल्य नारियां’

“नारी-नारी मत कहो, नारी नर की खान,नारी से सुत उपजे, ध्रुव प्रह्लाद समान।” आज तक भिन्न-भिन्न युगों में हम नारियों के कई स्वरूप देखते आए हैं। कभी वो गौरी है, तो कभी काली है, कभी दुर्गा है, तो कभी भवानी है। इन दैवीय स्वरूपा नारियों...

अपनी पहचान बनाइए, हिन्दी में हस्ताक्षर कीजिये

“मैं निश्चयपूर्वक कहता हूँ कि जो युवा पुरुष सब बातों में दूसरों का सहारा चाहते हैं, जो सदा एक न एक नया अगुआ ढूंढा करते हैं और उनके अनुयायी बना करते हैं, वे आत्म संस्कार के कार्य में उन्नति नहीं कर सकते । उन्हें स्वयं...

आर. के. लक्ष्मण के कार्टून बोलते थे।

एक आम आदमी की सशक्त आवाज माने जाने वाले कार्टूनिस्ट आर. के. लक्ष्मण को भारत के प्रमुख व्यंग्य चित्रकार के रूप में ख्याति प्राप्त है। आर. के. लक्ष्मण का पूरा नाम ‘रासीपुरम कृष्णस्वामी लक्ष्मण’ था। उनका जन्म 24 अक्टूबर, 1921 को मैसूर, कर्नाटक में हुआ।...

आइए जाने गेहूँ के बारे में

गेहूँ एक ऐसा अनाज, एक ऐसी औषधि है जिसका प्रयोग मानव अपने जीवनयापन के लिए मुख्यतः रोटी के रूप में करता आया है। गेहूँ रबी की फसल है जो कि मुख्यतः विश्व के दो मौसमों, यानी शीत एवं वसंत ऋतु में उगाई जाती है। शीतकालीन...
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नीम : जिससे कई बीमारी हो जाती हैं उड़न छू

भारतीय परिवेश और पर्यावरण के अनुकूल नीम एक ऐसा वनस्पति है, जो मानव जीवन की सुरक्षा करता है. भारत में नीम एक बहुत बड़ी औषधि है, जिसे कई हजारों वर्षों से उपयोग किया जा रहा है. आज के समय में बहुत सी अंग्रेजी दवाइयां नीम...

भाव की भाषा है हिन्दी

टीम हिन्दी भारत एक बहुभाषी देश है। इस कारण एक ऐसी भाषा की मांग बढ़ी जिसके माध्यम से आमजन के मध्य सम्पर्क साधा जा सके। यह काम हिंदी ने किया। हिंदी, उर्दू और संस्कृत की करीबी है। इसके साथ ही यह दक्षिण भारत की क्षेत्रीय...

लॉकडाउन: आइये घर पर रहकर कुछ तूफानी करते हैं!

भारत में कोरोना की भयावहता को देख कर 70 से अधिक जिलों को लॉकडाउन कर दिया है। लोगों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी जा रही है। प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को यदि संभव है तो अपने घरों से कार्य करने की छूट...

अपनी पहचान बनाइए, हिन्दी में हस्ताक्षर कीजिये

हिन्दी हमारी मातृभाषा है। मनुष्य की मातृभाषा उतनी ही महत्व रखती है, जितनी कि उसकी माता और मातृभूमि रखती है। एक माता जन्म देती है, दूसरी खेलने- कूदने , विचरण करने और सांसारिक जीवन निर्वाह के लिए स्थान देती है। तीसरी, मनोविचारों और मनोगत भावों...

एमिल फार्मास्यूटिकल बनी दुनिया की पहली कंपनी जिसने बनाई हर्बल एंटी-बायोटिक दवाई!

बात बात पर एंटी-बायोटिक खाने वालों के लिए खुशखबरी है कि आयुर्वेद ने भी हर्बल एंटी-बायोटिक दवाई की खोज कर ली है। जी आपने बिलकुल ठीक सुना आयुर्वेदिक दवाई बनाने वाली एमिल फार्मास्यूटिकल ऐसी पहली कंपनी बनी जिसने फीफाट्रोल नाम की  हर्बल एंटी-बायोटिक टेबलेट तैयार की...

भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की त्रिमूर्ति भारत के लिए रहेगी वंदनीय!

"वे झूल गए थे फांसी पर मेरी आज़ादी की खातिर"  कुछ एहसान ऐसे होते हैं जिनको हम कभी नहीं उतार सकते। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की त्रिमूर्ति सदा से भारत के लिए वंदनीय थी है और रहेगी। 8 अप्रैल 1929 को अंग्रेजों की बहरी...

निर्भया के गुनहगारों की फांसी पर लोग खुश हो रहे हैं लेकिन एक फांसी के बाद खुल गए थे भारत की स्वतंत्रता के द्वार! 

निर्भया हत्याकांड के गुनहगार लगभग सात साल बाद अपने अंजाम पर पहुंच गए। निर्भया केस के चारों दोषियों को आज सुबह 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया। इस तरह हजारों कानूनी अड़चनों के बाद निर्भया को इन्साफ मिला। भारत में ऐसे...

ओरछा जितना पौराणिक उतना ही ऐतिहासिक भी!

मध्यप्रदेश का ओरछा जमुना की सहायक नदी बेतवा नदी के किनारे बसा एक पौराणिक शहर है। ओरछा भारतीय इतिहास की स्थापत्य कला का बेजौड़ नमूना है। इसी खूबी के कारण यह देश विदेश के सैलानियों के लिए कौतुहल का विषय है। गंगा यमुनी संस्कृति की...