जितना ही आम इस फल का नाम है, उतना ही खास फल है यह आम। काफी रसीला और मीठा फल आम जिसे फलों का राजा भी कहा जाता है दिन पर दिन फलों में हर किसी की पहली पसंद बनता जा रहा है। आज के...
विभिन्न संस्कृतियों एवं अनेक सभ्यताओं वाला हमारा देश भारत आज अपने समृद्ध साहित्य एवं इतिहास हेतु जाना जाता है। यहां ऐसी कई ऐसी महान विभूतियां हुई जिन्होंने इस धरा को अपने पवित्र कर्मों से सुशोभित किया। और कहीं न कहीं इस देश का नाम भारत...
15 अगस्त 1947 के दिन हमारा देश भारत आजाद हुआ था। और आज हम भारतवासी इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं। लेकिन भारत के साथ ही अन्य 4 देश भी है जो 15 अगस्त को ही अपनी आजादी का उत्सव मनाते...
रामायण, भारतीय संस्कृति और मर्यादा का प्रतीक ग्रंथ है, जिसमें भगवान श्रीराम की जीवन यात्रा को दर्शाया गया है, परंतु इस गाथा की आत्मा मां सीता हैं। उनके बिना न केवल यह कथा अधूरी रह जाती है, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की छवि भी अधूरी...
न तो ज्यादा आसान और ना ही ज्यादा कठिन विषय का नाम है - कॉमर्स। जो कि आजकल बहुत से बच्चों की पसंद बनता जा रहा है। 12वीं में कॉमर्स पढ़ने वाले छात्रों के पास ग्रेजुएशन स्तर पर कई कोर्स के विकल्प होते हैं। इन...
बचपन के दिन, मस्ती के दिन, नाचते गाते, बिन बात हंसते झूमते खिलखिलाते। किसको अपना बचपन याद नहीं आता। पर आजकल बच्चों का बचपन कहीं खोता जा रहा है। बच्चों पर बहुत ही जल्दी जिम्मेदारियां का बोझ बढ़ रहा है। संयुक्त परिवार के परंपरा विलुप्त...
राजा भागीरथ इक्ष्वाकु वंश के एक महान प्रतापी राजा थे ।राजा भगीरथ ने गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने के लिए बहुत ही कठोर तप किया क्योंकि केवल गंगा ही भागीरथ के पूर्वजों (राजा सागर के 60 हजार पुत्रों) को मोक्ष देने में सक्षम...
रंगमंच था सजा रामलीला मंचन के लिए आते थे जाते थे कलाकार थोड़े थोड़े अंतराल के लिए किरदार अपना निभाने के लिए पूछा एक बालक ने थोड़ा सा सकुचाते हुए दशरथ भी आए दशानन भी आया पर राम क्यों बार बार है आते असमंजस में...
टीम हिन्दी बारिश प्रकृति में नवजीवन भर देती है। हरीतिमा की फैली चादर और ऊपर से पड़ती फुहार मानव तन-मन को हुलसाती है. उसमें रस का संचार करती है. प्रेम अपने पात्र से छलकने लगता है. संवेदनशील मन में नए विचार और शब्द आते हैं....
जननी जन्मभूमिश्च जाह्नवी च जनार्दन:। जनकः पंचमश्चैव, जकाराः पंच दुर्लभाः।। अर्थात् 'ज' वर्ण से प्रारंभ होने वाले शब्द जननी(माता), जन्मभूमि, जाह्नवी(गंगा माता), जनार्दन(विष्णु भगवान) और जनक(पिता) - इन पाँच जकारो का संसार में सर्वाधिक महत्व है, इनके दर्शन दुर्लभ हैं। अतः इनका हमेशा सम्मान किया...
मातृभाषा का मतलब अक्सर यही निकाला जाता है कि जो भाषा या बोली बच्चे की माँ बोलती है वही मातृभाषा कहलाती है। यानी बच्चा अपनी माँ को जिस भी भाषा या बोली में बात करते हुए सुनता है वह वह उसकी भाषा भी बन जाती...
पूछते हैं वो कि 'ग़ालिब' कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या मिर्ज़ा असदुल्ला बेग खां, जिन्हें आज पूरा विश्व मिर्ज़ा ग़ालिब के नाम से जानता है, भारतीय उपमहाद्धीप के एक महत्वपूर्ण कवि थे। ग़ालिब का पूरा नाम मोहम्मद असदउल्लाह खान था। ग़ालिब को...
गुरु पूर्णिमा अर्थात अंधकार से प्रकाश की ओर, अज्ञान से ज्ञान की ओर यात्रा और स्वाभिमान को जाग्रत कराने वाले परम् प्रवर्तक के लिये नमन् दिवस । जो हमें अपने आत्मवोध, आत्मज्ञान और आत्म गौरव का भान कराकर हमारी क्षमता के अनुरूप जीवन यात्रा का...
टीम हिन्दी ‘जिस प्रकार किसी पेड़ के बढ़ते समय उसकी सूखी शाखाएँ गिरकर उनके स्थान पर नई-नई शाखाएँ खड़ी हो जाती हैं उसी प्रकार अपने समाज में भी एक समय विद्यमान वर्ण व्यवस्था में बदल कर अपने लिए आवश्यक नई रचना समाज करेगा. यह समाज...