अक्सर ये ज़िंदगी हमसे ये खेल खिलवाती है,
किसी की ज़िंदगी में अच्छा और किसी की में बुरा बनवाती है,
कुछ पलो की ख़ुशी और इतने गम दे जाती है,
ये ज़िंदगी हमसे ये खेल खिलवाती है |
कभी हंसता खेलता बच्चा तो कभी एक ज़िम्मेदार इंसान बनाती है,
अपनो की खुशी में ये जीना सिखाती है,
ये ज़िंदगी हमसे ये खेल खिलवाती है |
कभी सालो तक का इंतज़ार तो कभी इंतज़ार खत्म करवाती है,
कभी ना जीने वालो को जीना सिखाती है,
अक्सर ये ज़िंदगी हमसे ये खेल खिलवाती है,
अक्सर ये ज़िंदगी हमसे ये खेल खिलवाती है |

यमन आर्य
नई दिल्ली




