indian culture

Makar Sankranti

सूर्य के उत्तरायण की कहानी मकर संक्रांति पर विशेष

MAKAR SANKRANTI 2026: आप सभी पाठकों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं। मकर संक्रांति का यह त्यौहार आपके जीवन में तमाम खुशियां लेकर आए, हम ऐसी कामना करते हैं। आपको बता दें कि मकर संक्रांति हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। हिन्दू पंचांग के...
Story Behind Lohri

क्यूं मनाते हैं हम लोहड़ी, साथ में जानें दुल्ला-भट्टी की कहानी

Lohri and story of dulla Bhatti: सिख और पंजाबियों के लिए लोहड़ी बड़ा ही खास मौका है। इस पर्व को मकर संक्रांति के एक दिन पहले मनाने का रिवाज है। इस उत्सव के पीछे सांस्कृतिक के साथ-साथ भौगोलिक कारण भी हैं। कहते हैं लोहड़ी के...
Chiru Skin Shawl

चीरु की खाल से बनती है ये 15 लाख की शॉल

Chiru Skin Shawl: शॉल का उपयोग आप सर्दियों में जरूर करते हैं और हमेशा शॉल खरीदते हुए आप उसकी सुंदरता पर फ़िदा भी हो जाते हैं| वैसे तो कई प्रकार की शॉल अलग-अलग रेट पर आपको मार्केट में मिल जाएंगी लेकिन क्या आपको पता है...
Mayasur

क्या आप जानते हैं…सिर्फ भगवान विश्वकर्मा नहीं हैं भारत में वास्तु के देवता

नई दिल्ली। वैसे तो हिंदुओं में मान्यता है कि वास्तुशास्त्र के देवता के रूप में स्वयं भगवान विश्वकर्मा स्थापित हैं। हम जब भी कोई घर, दुकान या कोई अन्य प्रतिष्ठान बनाते हैं तो वास्तु का विशेष ध्यान रखा जाता है। वास्तु में दिशा, प्रकाश, वायु,...
Sanskar

बच्चों को संस्कारवान कैसे बनाएं।

बाल्यावस्था एक ऐसी अवस्था होती है जब बच्चों को मनचाही दिशा में मोड जा सकता है ।यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन मिले तो उनकी ऊर्जा सही दिशा में प्रवाहित हो सकती है। बच्चों के  सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है कि शुरू से ही उन पर...
Indian Village

भारत के पांच ऐसे आधुनिक गांव जहां आज भी बोली जाती है संस्कृत

हमारे सभी वेद और पुराण संस्कृत में लिखे हुए है| पर आज के समय में जहां लोग हिंदी भी ठीक ढंग से नहीं बोल पाते है, वहीँ  भारत में कुछ ऐसे गांव भी हैं, जहां के लोग आज भी सिर्फ संस्कृत में ही बात करते...
Charpai

आपने लिया है चारपाई का आनंद

टीम हिन्दी पहले गलियों-मोहल्लों में चारपाई बीनने वालों की आवाजें आया करती थीं, किंतु अब ये आवाजें सुनाई नहीं देतीं. अब चारपाई बीनने वाले शायद ही मिले सकें. वर्तमान समय में नायलान की पट्टी से महज आधे घंटे में एक फोल्डिंग पलंग तैयार कर दिया...
Bhartiya Ves Bhusah

भारतीय वेशभूषा: समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

भारत में अलग अलग संस्कृतियों, परंपराओं, धर्मों, जातियों और भाषाओं के लोग रहते है|  यहां की वेशभूषा एक सुंदर और रिच ट्रेडिशनल का प्रतीक है| यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे हमारी बौद्धिक, सामाजिक और धार्मिक पहचान का संकेत माना जाता...
Kya Hai Ganagaur Vivahit Aur Kunvare Ladakiyan Kyon Karate Hai Inake Pooja Www.thehindi.in

क्या है गणगौर, विवाहित और कुंवारी लड़कियां क्यूं करती है इनकी पूजा

Rajasthan: गणगौर राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड क्षेत्र का एक त्यौहार है जो चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। इस दिन कुंवारी लड़कियां और विवाहित महिलाएं शिवजी (इसर जी( और पार्वती जी (गौरी जी) की पूजा करती हैं।...
Rangmanch

रंग मंच

रंगमंच था सजा रामलीला मंचन के लिए आते थे जाते थे कलाकार थोड़े थोड़े अंतराल के लिए किरदार अपना निभाने के लिए पूछा एक बालक ने थोड़ा सा सकुचाते हुए दशरथ भी आए दशानन भी आया पर राम क्यों बार बार है आते असमंजस में...
Himachal Ke Rajanaun Ganv Ka Sambandh Hai Mahabharat Kal Ke Chakravyoh Se Janen Kaise Www.thehindi.in

हिमाचल के राजनौण गांव का संबंध है महाभारत काल के चक्रव्यूह से, जानें कैसे

Charkravuh sign in Himachal Pradesh, Rajnaun village: महाभारत काल के चक्रव्यूह के बारे में आप सब जानते ही होंगे पर क्या आपको पता है कि महाभारत काल के चक्रव्यूह का प्रमाण आज भी हिमाचल प्रदेश  के हमीरपुर जिले के राजनौण गांव में देखने  को मिल...
Holi Special

मथुरा और वृंदावन के अलावा इन जगहों में भी होली का त्यौहार बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है

Holi Special: आपने काशी, मथुरा, वंदावन और बरसाने की होली के बारे में खूब सुना होगा। हो भी क्यूं ना, देश-विदेशों में काफी नाम है, यहां की होली का। बरसाने की होली को तो ना जाने कितने फिल्मों, साहित्यों और लोक-कलाओं में जगह मिल चुकी...
Mandi House Area, Delhi

मंडी हाउस- भारत की संस्कृति का केंद्र, जानें क्या है इसका इतिहास

Mandi House Area, Delhi: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मंडी हाउस का नाम तो आपने काफी बार सुना होगा| आप यहां आए भी होंगे या यहां से गुजरे भी होंगे| यह भारतीय सभ्यता व ललित कलाओं का केंद्र है| यहां आपको साहित्य अकादमी, संगीत-नाटक अकादमी...
Utrakhand

फूलदेई उत्तराखंड का प्रकृति से जुड़ा त्यौहार

उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां हर कुछ नेचर से जुड़ा हुआ है। चाहे खान-पान हो, पहनावा हो या फिर घूमने की कोई जगह हो| ऐसा ही एक त्योहार है फूलदेई जो की चैत्र संक्रांति को शुरू होता है| इस त्यौहार...